सूत्रों के हवाले से बड़ी ख़बर सामने आई है कि महराजगंज तहसील क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है, और इसमें आबकारी विभाग की मिलीभगत होने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। जो कार्य आबकारी विभाग का जिस अवैध बिक्री पर लगाम आबकारी विभाग को लगानी चाहिए लेकिन उस कार्य को पुलिस विभाग द्वारा किया जा रहा है
महराजगंज तहसील क्षेत्र में बीते दिनों से अवैध शराब की बिक्री खुलेआम जारी है, और यह सब कथित तौर पर आबकारी निरीक्षक की नाक के नीचे हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में जो शराब खुलेआम बिक रही है, उसकी भनक तक विभाग को नहीं होती—या शायद जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।
🚨 रात के अंधेरे में धंधा—सरकारी दुकानों से निकल रही शराब
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र के शराब माफिया रात होते ही कुछ अनुबंधित सरकारी शराब की दुकानों से बड़ी मात्रा में शराब निकलवाते हैं, और फिर अपने निजी वाहनों से गांव-गांव सप्लाई करते हैं।
इन गतिविधियों के चलते गांवों में अवैध शराब की उपलब्धता इतनी बढ़ गई है कि यह अब एक संगठित नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है।
⚠️ आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल
इन अवैध गतिविधियों में आबकारी विभाग की मिलीभगत होने की जोरदार चर्चा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के संरक्षण और अनदेखी के कारण यह धंधा बेधड़क चल रहा है।
🏘️ गांवों में बढ़ रहा नशे का जाल
सदर तहसील के कई गांवों में रात होते ही शराब की डिलीवरी शुरू हो जाती है, जिसका सीधा असर गांव के माहौल पर पड़ रहा है।
युवा तेजी से नशे के शिकार बन रहे हैं, जिससे सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं।
💰 सरकारी राजस्व को नुकसान
अवैध शराब सप्लाई के कारण कई अन्य सरकारी दुकानों की बिक्री प्रभावित हो रही है।
इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। और इस संदर्भ में आबकारी निरीक्षक को फोन किया गया पर उनका फोन नहीं उठा
📣 जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने दबी जुबान में इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और
अवैध शराब कारोबार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है

