मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में प्रमुख चिकित्सक अनुज सरकारी के शह पर उनके पालतू बाउंसरों के द्वारा ज्यादा पैसा मांगने का विरोध करने पर सिपाही पंकज कुमार को उनके परिवार के सामने गाली गुप्ता देते हुए मारा गया उस वायरल वीडियो को देखने से यह प्रतीत हो रहा है की 112नम्बर की पुलिस नही पहुंचती तो उस पुलिस को जान से मार दिया गया होता डायल 112 बचाने गई पुलिस पर भी हमलावर ने हमला कर रहे है उसको देखने के बाद भय लग रहा है की जब पुलिस के साथ इस तरह से घटना हो रहा है। तो दूसरे मरीज के विरोध करने पर ये डॉक्टर के बाउंसर क्या करेंगे।अगर उसी समय पीड़ित घायल सिपाही के तहरीर पर स्थानीय थाना कार्यवाही कर दी होती तो और पीड़ित की सुनवाई हो गई होती तो उक्त पुलिस के द्वारा को विरोध में कोई करवाई करने की जरूरत नहीं पड़ती और न कोई ऐसी दुबारा घटना घटित हुआ होता परंतु यहां तो स्थानीय थाने की पुलिस ने उक्त डाक्टर के प्रभाव में आकर बुरी तरह से घायल सिपाही पर दबाव बना कर न्याय देने के बजाय सुलहनामा करवा दिया और वही जब दो दिनों बाद पुलिस ने जब डाक्टर पर हमला करता है तो उस घायल सिपाही के ऊपर तुरंत वही थाना की पुलिस मुकदमा दर्ज कर जेल भेज देती हैं आखिर में यह पुलिस अपने विभाग यानी पुलिस को भी दबंग के प्रभाव में न्याय नही दे सकती तो एक प्रश्न उठता है की दूसरे आम आदमी पीड़ित के साथ निष्पक्ष न्याय कैसे देगी? जिससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व मुख्यमंत्री से निवेदन है की पीड़ित सिपाही का भी मुकदमा दर्ज कर न्याय देते हुए स्थानीय थाना के जिम्मेदार पुलिस को भी दंडित करने का कृपा करें। ताकि न्याय के अभाव मे दूसरे किसी को इस तरह का कदम न उठाने पर विवश न होना पड़े। संवाददाता – अजय पटेल