परतावल ब्लाक में कुछ सचिव है दबंग जिनको योगी सरकार का भी नहीं है डर ,जो करते हैं अपने मनमानी तरीके से फर्जी बिलों का भुगतान जिम्मेदार हुए मौन

अपलोड है 
हैरान होने वाली यह बात है कि परतावल ब्लॉक के गांव बभनौली बुजुर्ग का बिल के जगह पनियरा ब्लॉक के गांव का बिल कैसे अपलोड हो गया यह एक वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है और ग्राम सचिव एकलाख बभनौली बुजुर्ग द्वारा द्वारा जय वैभव लक्ष्मी इंटरप्राइजेज से डीजल और पेट्रोल की खरीदारी की गई है अब हैरान करने की यह बात है कि केवल डीजल और पेट्रोल की बिक्री पेट्रोल पंप दूसरा होता है पेटी डीलर उसके अलावा किसी के भी द्वारा पेट्रोल डीजल नहीं बेची जा सकती है डीजल पेट्रोल बेचने के लिए खाद्य एवं विपरण विभाग से लाइसेंस लेने की आवश्यकता पड़ती है लेकिन जय वैभव लक्ष्मी इंटरप्राइजेज गोनहा पनियरा महराजगंज से खरीदारी की गई अब तो फर्जी बिलों को भुगतान की हद हो गई अब जय विश्वकर्मा इंटरप्राइजेज गोहना पनियरा के द्वारा डीजल पेट्रोल के साथ साथ गुड़ की खरीदारी की जारी रही जबकि नियमावली यह है
कि खाने पीने समानों की बिक्री के लिए फूड विभाग से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है इसकी जानकारी एडीओ पंचायत परतावल को दी गई तो उन्होंने यह कहा कि अगर कोई सचिव द्वारा किसी प्रकार की वित्तीय अनीमियता पाई गई तो उनके उपर सख्त करवाई किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा आपको बताते चले कि ग्राम पंचायतो में खेल यह होता है कि बिल केवल कागजी करवाई की जाती हैं पर समानों की खरीदारी ना के बराबर होती है हकीकत यह है इन आपूर्ति करता के पास कीटनाशक का सामान बेचने के जिला के कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है
पर बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से कीटनाशक दवाओं का भी आपूर्ति का बिल जारी कर दिया जाता है ये हार्डवेयर सामान कीटनाशक दवाओं लेकर कंप्यूटर इलेक्ट्रिक एवं भूसा, खाने-पीने की वस्तुओं तथा टैंट औ र नल की मरमत आदि की सारे सामानों की बिल भी मेसर्स विश्वकर्मा इंटरप्राइजेज गोहना पनियरा से जारी की गई है और यूरिया की खरीदारी की गई और यूरिया बिक्री के लिए लाइसेंस की प्राप्त करना अनिवार्य होता है
पर मेसर्स विश्वकर्मा इंटरप्राइजेज के पेस्टीसाइड की लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है और एके ट्रेड्स से कोटवा का बिल जहां केवल समानों की लिस्ट के नाम पर केवल कागजों में बिल बनाकर सारे सामानों की आपूर्ति दिखा कर उसका बिल बना देते हैं उसका भुगतान करा लेते हैं
पर ऐसा एक फर्म के द्वारा आपूर्ति से होना संभव ही नहीं है देखते हैं अकलाख सचिव की मनमानी चलती हैं या ऐडीओ पंचायत के द्वारा करवाई भी होती हैं आने वाला समय ही बताएगा। आपको बताते चले कि वही फर्म है है मां वैभव लक्ष्मी इंटरप्राइजेज जिसको पूर्व में जिला पूर्ति अधिकारी के वहां नोटिस जारी किया गया है जिसकी जांच जारी है और जिला पूर्ति अधिकारी के वहां करवाई होना अभी बाकी ह