डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित, प्रधान और सचिवों को नोटिस जारी
महराजगंज जनपद में वर्षों से विकास कार्यों में फर्जी भुगतान और अनियमितताओं का खेल चलता रहा है। लेकिन नवागत जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया मिश्रा ने इस परंपरा पर रोक लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। उनके सख्त रुख से पंचायत स्तर के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
शिवसागर पांडेय निलंबित, मुख्यमंत्री जनता दर्शन की शिकायत पर हुई कार्रवाई
डीपीआरओ ने विकास खंड बृजमनगंज के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी शिवसागर पांडेय को निलंबित कर दिया है। पांडेय पर विकास कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप थे, जो जांच में सही पाए गए।
मुख्यमंत्री जनता दर्शन में ग्राम शिकारगढ़ निवासी कमालुउद्दीन पुत्र माजिद अली द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। शिकायत में आरोप था कि विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार किया जा रहा है। डीपीआरओ ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जांच कराई, जिसमें आरोप साबित होने के बाद शिवसागर पांडेय को निलंबित कर दिया गया।
अन्य विकास खंडों में भी ताबड़तोड़ कार्रवाई
डीपीआरओ ने न केवल बृजमनगंज में बल्कि अन्य विकास खंडों में भी मनरेगा और पंचायत से जुड़े कार्यों में हो रही अनियमितताओं पर कार्रवाई तेज कर दी है।
1. ग्राम पंचायत पैकौली कला के सचिव पवन मद्देशिया को कारण बताओ नोटिस भेजकर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
2. ग्राम प्रधान विजय प्रताप को भी पंद्रह दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
3. इसके अलावा, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी दीप्ति जायसवाल को भी नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है।
पकड़ी भारतखंड और पंडरी खुर्द पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच




