मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत महिला मेठो ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की मांग की है। महिला मेठो ने आरोप लगाया कि उन्हें न तो कार्यस्थलों पर काम दिया जा रहा है और न ही उनका मास्टरोल फीड किया जा रहा है, जिससे वे गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रही हैं।
महिला मेठो का कहना है कि लंबे समय से उन्हें जान बूझकर कार्य से वंचित रखा जा रहा है, जबकि उनके स्थान पर अन्य लोगों से काम कराया जा रहा है। मास्टरोल फीडिंग न होने के कारण मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण कठिन हो गया है।
ज्ञापन में महिला मेठो ने मांग की है कि सभी महिला मेठो से नियमित रूप से कार्य लिया जाए तथा समय से मास्टरोल फीडिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्यस्थल पर एनएमएमएस (NMMS) के माध्यम से हाजिरी लगाने का अधिकार देने और महिला मेठो को स्वयं अपना मास्टरोल ब्लॉक कार्यालय में जमा करने की अनुमति देने की भी मांग की गई है।
महिला मेठो ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2023 के बाद नियुक्त महिलामेंठो को निरस्त कर प्रारंभिक रूप से नियुक्त महिला मेंठो से ही कार्य कराया जाए। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक माह जिला स्तर पर डीसी मनरेगा या सीडीओ की निगरानी में महिला मेंठो की बैठक आयोजित करने की मांग की गई, ताकि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में महिला मेठ मौजूद रहीं। सभी ने जिलाधिकारी से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई