महराजगंज / परतावल ब्लॉक — बेलवा बुजुर्ग
परतावल ब्लॉक के अंतर्गत बेलवा बुजुर्ग ग्राम पंचायत में एक के बाद एक निर्माण कार्यों की लापरवाही का खुलासा हो रहा है। अंत्येष्टि स्थल का छत धंसने के बाद अब सामने आया है कि गांव में आंगनवाड़ी केंद्र और पिंक शौचालय वर्षों बीत जाने के बाद भी अधूरे पड़े हैं।
जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और जीर्णोद्धार को लेकर करोड़ों रुपए जारी कर रही है, वहीं बेलवा बुजुर्ग में शासन की मंशा को दरकिनार करते हुए जिम्मेदारों की उदासीनता साफ दिखाई दे रही है।
ग्राम पंचायत में बनाए गए अधूरे आंगनवाड़ी केंद्र के अंदर अब भी बालू बिखरी पड़ी है। बिना फर्श वाली जमीन पर बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है, जिससे नौनिहालों का स्वास्थ्य और भविष्य—दोनों ही खतरे में पड़ रहे हैं
इसी तरह पिंक शौचालय का निर्माण कार्य भी बीच में ही रोक दिया गया है। कई वर्षों से अधर में लटका यह प्रोजेक्ट व्यर्थ खर्च और भ्रष्टाचार की बू का संकेत देता है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के सचिव, प्रधान और रोजगार सेवक अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ चुके हैं। जबकि रोजगार सेवक इसी गांव का निवासी है, फिर भी ग्राम के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
जब इस संबंध में सचिव से फोन पर बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा—“ब्लॉक पर आकर बात कीजिए, फोन पर कुछ नहीं बताया जाएगा।”
जिम्मेदार विभागीय अधिकारी भी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए प्रतीत होते हैं।
अब सवाल यह है कि—
क्या इन विकास कार्यों को वर्तमान प्रधान के कार्यकाल में पूरा किया जाएगा?
या फिर गांव के बच्चों और ग्रामीण दोनों को दूसरे प्रधान के कार्यकाल का इंतजार करना पड़ेगा?
गांव की जनता अब प्रशासन की कार्रवाई और जवाबदेही का इंतजार कर रही है।





