रामपुर बलडीहा में डबल ड्यूटी का असर, मरीजों को बिना जांच दवा—व्यवस्था पर उठे सवाल
महराजगंज। भारत न्यूज नेशन
जनपद में आयुर्वेदिक–यूनानी चिकित्सा व्यवस्था की हकीकत अब खुलकर सामने आने लगी है। डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की कमी के बीच कई अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां मरीजों का इलाज नियमों के बजाय व्यवस्था के अभाव में चल रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति घुघली ब्लॉक के रामपुर बलडीहा आयुर्वेदिक अस्पताल में देखने को मिली है। यहां तैनात डॉक्टर आशीष त्रिपाठी को सप्ताह में तीन दिन (मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) रामपुर बलडीहा में सेवा देनी होती है, जबकि अन्य दिनों में उन्हें बसडीला आयुष अस्पताल में ड्यूटी करनी पड़ती है।
दो स्थानों की जिम्मेदारी के चलते अस्पताल में नियमित ओपीडी प्रभावित हो रही है और मरीजों को समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
स्थिति यह है कि अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं का वितरण वार्ड बॉय द्वारा किया जा रहा है, जो चिकित्सा नियमों का खुला उल्लंघन है।
नियम स्पष्ट कहते हैं—
मरीज की जांच कर दवा लिखने का अधिकार केवल डॉक्टर को है
दवा तैयार कर मरीज को देने की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट की होती है
इसके बावजूद, कई जगहों पर वार्ड बॉय द्वारा यह जिम्मेदारी निभाई जा रही है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर खामी को उजागर करता है।




