बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
100 दिवसीय अभियान के दूसरे चरण में भक्तों ने लिया बाल विवाह रोकने का संकल्प
नौतनवा (महराजगंज)।
बाल विवाह की सामाजिक कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को राम जानकी मंदिर, नौतनवा परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति, शाखा नौतनवा द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी के निर्देशन एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में किया गया। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मंदिर के महंत जी ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष से कम आयु में विवाह कानूनन अपराध है।
इस अवसर पर उपस्थित भक्तों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे न केवल बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, बल्कि ऐसी किसी भी सूचना को संबंधित हेल्पलाइन और प्रशासन तक अवश्य पहुंचाएंगे।
बाल संरक्षण कार्यकर्ता सुनील कुमार ने बताया कि धार्मिक पुजारियों, बच्चों, हलुआई, टेंट हाउस संचालकों, वीडियो ग्राफरों एवं समुदाय के अन्य प्रभावशाली वर्गों को अभियान से जोड़कर बाल विवाह मुक्त महराजगंज के लक्ष्य को साकार करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सुनील कुमार रौनियार एवं पुष्पा देवी ने अन्य गांवों में भी जागरूकता फैलाते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार है। इस अधिकार की रक्षा के लिए समुदाय को विशेष रूप से सतर्क एवं जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने अपील की कि जब भी किसी बच्चे के अधिकारों का हनन होते दिखे, तो उसकी रोकथाम के लिए तुरंत आगे आएं और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या पुलिस आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें।
कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संदेश देते हुए सभी उपस्थित लोगों से सहयोग करने की अपील की गई।