सदर ब्लॉक स्थित सहायक पंचायत कार्यालय पर शुक्रवार को पंचायत सचिवों ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध में शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया। सचिवों ने आरोप लगाया कि 03 नवंबर से लागू की गई यह व्यवस्था जमीनी परिस्थितियों एवं ग्रामीण क्षेत्र की तकनीकी उपलब्धता के अनुरूप नहीं है, जिससे सरकारी कार्यों के निष्पादन में बाधा आ रही है।
सचिवों ने कहा कि फील्ड वर्क आधारित विभागीय दायित्वों के बीच मोबाइल एप आधारित उपस्थिति प्रणाली का पालन करना कठिन हो गया है। उन्होंने मांग रखी कि विभागीय कार्यों का अनावश्यक बोझ कम किया जाए और ई-ग्राम स्वराज तथा गेटवे पोर्टल की जटिलता दूर की जाए, जिससे ग्राम स्तर पर कार्य गति प्रभावित न हो।
✍ सचिवों की मुख्य माँगें
अतिरिक्त विभागीय कार्यभार समाप्त हो
पोर्टल और ऐप की प्रक्रिया आसान हो
भुगतान प्रणाली मोबाइल ऐप आधारित की जाए
ग्राम प्रधानों की डीएससी कार्यालय में सुरक्षित रूप से जमा कराई जाए
⚠ भत्ते को लेकर भी नाराजगी
पंचायत सचिवों ने केवल 200 रुपये साइकिल भत्ता मिलने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेताया कि 10 दिसंबर से क्षेत्र भ्रमण मोटरसाइकिल के स्थान पर साइकिल, ऑटो या बस से किया जाएगा, जब तक कि मोटरसाइकिल भत्ता लागू करने पर ठोस निर्णय नहीं होता।
🤝 प्रतिनिधि मंडल ने सौंपा ज्ञापन
आंदोलनरत सचिवों के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा और कहा कि समाधान की दिशा में संवाद शुरू होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
इस सत्याग्रह में राजेश सिंह, सुनील पटेल, प्रियंका पटेल, सुमन गुप्ता, सुनीता केशरी, रितु पटेल सहित बड़ी संख्या में पंचायत सचिव शामिल रहे।