बागापार पीएचसी में तीन साल से बंद पड़ी CBC मशीन व हेल्थ एटीएम को तत्काल चालू करने का निर्देश सफाई व्यवस्था पर नाराजगी, प्रभारी अधीक्षक की वेतनवृद्धि रोकी गई जिलाधिकारी ने कहा- स्वास्थ्य सेवाओं में शिथिलता बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई 
इसके बाद निरीक्षण में चौक पीएचसी पर 43 मरीजों की जांच हुई थी। जिलाधिकारी ने स्वयं हेल्थ एटीएम पर अपना बीपी जांचा और दवा स्टॉक की स्थिति देखी। जांच में फरवरी 2025 में एक्सपायर हो चुकी दवा डाईसाइक्लोमाइन सिरप स्टॉक में मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। फार्मासिस्ट रमेश को फटकार लगाते हुए उनका एक वेतनवृद्धि रोका गया और तत्काल प्रभाव से फरेंदा स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं एमओआईसी डॉ. राम स्वरूप को चेतावनी जारी की गई।बागापार पीएचसी में 24 मरीजों की जांच हुई थी, लेकिन सीबीसी मशीन और हेल्थ एटीएम तीन वर्षों से बंद पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी अधीक्षक की वेतनवृद्धि रोकने का निर्देश दिया और मशीनों को तत्काल चालू करने को कहा। सफाई व्यवस्था पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए परिसर को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मरीजों से भी संवाद किया गया। चौक केंद्र पर भर्ती तेतरा देवी ने बताया कि इलाज के बाद उन्हें आराम मिला है। वहीं बागापार केंद्र पर निरीक्षण के दौरान खुशबू (ग्राम बहेरवा) और निशा (ग्राम केवलापूर) का सुरक्षित प्रसव हुआ।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही करने वाले कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं के स्टॉक व एक्सपायरी की ऑडिट रिपोर्ट तलब की है।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला, डॉ. के.पी. सिंह, डॉ. आश्रय सिंह समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।



