आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकायत के बाद बढ़ा विवाद, सतर्कता विभाग और पुलिस की जांच जारी
महराजगंज। आरटीआई कार्यकर्ता अजीत सिंह ने पनियरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने और प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है। अजीत सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने विधायक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत सतर्कता विभाग से की थी, जिसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
अजीत सिंह, जो महराजगंज के मेदनीपुर नरायन टोला, घुघली के निवासी हैं, ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा है कि विधायक और उनके परिवार ने उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी।
सतर्कता विभाग कर रहा जांच
अजीत सिंह ने विधायक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत उत्तर प्रदेश के सतर्कता अनुभाग-3 में दर्ज कराई थी। इस पर जांच जारी है, और विभाग द्वारा विधायक के खिलाफ सबूत जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल पाया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर गहराई से जांच की जा रही है। हालांकि, विधायक के खिलाफ अभी तक कोई पुष्टि योग्य साक्ष्य नहीं मिले हैं।
शिकायतकर्ता के आरोप
अजीत सिंह ने कहा कि विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह और उनके बेटे ने पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर उन्हें प्रताड़ित करने की कोशिश की है। उनका दावा है कि उनके पास कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं, जो विधायक के खिलाफ उनके आरोपों को साबित कर सकती हैं। हालांकि, उन्होंने यह रिकॉर्डिंग अभी तक पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया है।
अजीत सिंह ने यह भी बताया कि हाल ही में उनकी सर्जरी हुई है और उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उनका आरोप है कि विधायक और उनके परिवार द्वारा की गई धमकियों और उत्पीड़न के कारण उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर असर पड़ा है।
विधायक का पक्ष
विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि अजीत सिंह बार-बार बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सतर्कता विभाग की जांच और पुलिस की कार्यवाही में सत्य सामने आ जाएगा।
पुलिस ने उठाए सुरक्षा के कदम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अजीत सिंह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। थानाध्यक्ष घुघली को उनके घर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है। हल्का अधिकारी और बीट पुलिस अधिकारी को सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
समाज में सियासी हलचल
इस पूरे मामले ने महराजगंज जिले में सियासी माहौल गरमा दिया है। एक ओर आरटीआई कार्यकर्ता अजीत सिंह न्याय की गुहार लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर विधायक इसे अपनी राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश करार दे रहे हैं।
जनता के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ अजीत सिंह की लड़ाई मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीति से प्रेरित कदम बता रहे हैं।
आगे की कार्यवाही पर सबकी नजरें
फिलहाल, मामला सतर्कता विभाग और पुलिस की जांच के अधीन है। अजीत सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके द्वारा पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर पुलिस की रिपोर्ट और सतर्कता विभाग की जांच से स्थिति स्पष्ट होगी।
यह देखना बाकी है कि इस विवाद का अंत क्या होगा और इसमें सचाई किस पक्ष के दावे में मिलेगी। दोनों पक्षों की दलीलों और जांच के परिणाम पर जिले की जनता की निगाहें टिकी हुई हैं।


